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POS18 जुलाई 2026

POS शब्दावली: 30 शब्द जो हर नए मर्चेंट को पता होने चाहिए

इंटरचेंज से लेकर स्टॉकटेक तक, ये 30 POS शब्द हार्डवेयर, भुगतान, इन्वेंट्री और दैनिक कार्यों को कवर करते हैं जिनका सामना हर नए मर्चेंट को पहले महीने में करना पड़ता है।

Mathias NielsenMathias NielsenCEO, Final POS
चेकआउट काउंटर जिसमें मुख्य POS हार्डवेयर हैं जिन्हें एक नया मर्चेंट सबसे पहले सीखता है: टर्मिनल, कार्ड रीडर, रसीद प्रिंटर और कैश ड्रावर

POS शब्दावली चार श्रेणियों में विभाजित है: हार्डवेयर, भुगतान, इन्वेंट्री और दैनिक संचालन। नीचे दिए गए 30 शब्द इन चारों को सरल भाषा में कवर करते हैं, ताकि आप प्रोसेसर स्टेटमेंट पढ़ सकें, स्टॉकटेक चला सकें और बिना किसी भ्रम के काउंटर बंद कर सकें। यदि आप पहले बड़ी तस्वीर समझना चाहते हैं, तो POS सिस्टम क्या है और इसके हिस्से कैसे काम करते हैं से शुरुआत करें, और फिर शब्दावली के लिए वापस आएं।

कौन से हार्डवेयर शब्द आप सबसे पहले सुनेंगे?

आपके काउंटर पर मौजूद भौतिक उपकरण हर बिक्री और सहायता कॉल में सामने आते हैं, इसलिए यहाँ से शुरुआत करें।

  1. POS टर्मिनल — वह उपकरण जो आपके पॉइंट-ऑफ़-सेल सॉफ़्टवेयर को चलाता है: एक टैबलेट, टचस्क्रीन काउंटर या फोन। लोग अक्सर इसके और कार्ड रीडर दोनों के लिए सामान्य रूप से "टर्मिनल" शब्द का उपयोग करते हैं, जिससे हार्डवेयर ऑर्डर करते समय भ्रम होता है।

  2. पेमेंट टर्मिनल (कार्ड रीडर) — वह प्रमाणित उपकरण जो चिप, स्वाइप और कॉन्टैक्टलेस भुगतान पढ़ता है। प्रमाणन बहुत मायने रखता है: कार्ड की प्रत्यक्ष बिक्री स्वीकृत हार्डवेयर के माध्यम से होनी चाहिए, न कि किसी भी सस्ते गैजेट से।

  3. रसीद प्रिंटर — लगभग हमेशा एक थर्मल प्रिंटर होता है। इसमें स्याही की आवश्यकता नहीं होती, यह गर्मी के प्रति संवेदनशील कागज का उपयोग करता है, और आमतौर पर कैश ड्रावर को खोलने के ट्रिगर के रूप में भी काम करता है।

  4. कैश ड्रावर — काउंटर के नीचे लॉक होने वाला ड्रावर, जो चाबी के बजाय POS या प्रिंटर द्वारा खुलता है, ताकि हर बार खुलने का संबंध किसी लेनदेन से हो।

  5. बारकोड स्कैनर — बारकोड को पढ़ता है ताकि कर्मचारी टाइप करने के बजाय सीधे सही उत्पाद चुन सकें। चेकआउट का समय और मूल्य निर्धारण की गलतियों को कम करने का यह सबसे आसान तरीका है।

  6. कस्टमर-फेसिंग डिस्प्ले — ग्राहक की तरफ लगी एक दूसरी स्क्रीन जो आइटम, कुल योग और अक्सर टिप का विकल्प दिखाती है।

कौन से भुगतान शब्द वास्तव में आपकी लागत को प्रभावित करते हैं?

इनमें से कई आपके मासिक स्टेटमेंट में शामिल होते हैं, जिससे इन्हें न समझना आपके लिए काफी महंगा साबित हो सकता है।

पेमेंट रीडर पर कॉन्टैक्टलेस कार्ड टैप करता हुआ ग्राहक — पॉइंट ऑफ सेल पर कार्ड की प्रत्यक्ष बिक्री
  1. पेमेंट प्रोसेसर — वह कंपनी जो आपके ग्राहक के कार्ड से आपके बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करती है और ऐसा करने के लिए प्रत्येक लेनदेन पर अपना हिस्सा लेती है।

  2. पेमेंट गेटवे — वह सॉफ़्टवेयर परत जो लेनदेन के डेटा को सुरक्षित रूप से प्रोसेसर तक ले जाती है। ऑनलाइन माध्यम में, गेटवे कार्ड के विवरण लेता है; व्यक्तिगत रूप से, पेमेंट टर्मिनल यह काम करता है।

  3. इंटरचेंज (Interchange) — कार्ड नेटवर्क द्वारा निर्धारित शुल्क जो प्रत्येक कार्ड लेनदेन पर ग्राहक के बैंक को दिया जाता है। यह आपके लिए तय की जाने वाली हर दर का न्यूनतम आधार होता है; फ्लैट-रेट मूल्य निर्धारण इसे एक अनुमानित संख्या में बंडल कर देता है।

  4. कार्ड-प्रेजेंट (Card-present) — कार्ड या फोन वॉलेट को आपके काउंटर पर भौतिक रूप से टैप, इंसर्ट या स्वाइप किया जाता है। इसमें धोखाधड़ी का जोखिम कम होता है, इसलिए दरें भी कम होती हैं।

  5. कार्ड-नॉट-प्रेजेंट (Card-not-present) — कार्ड को भौतिक रूप से नहीं पढ़ा जाता: जैसे ऑनलाइन ऑर्डर, मैन्युअल प्रविष्टियां, फोन ऑर्डर। इसमें जोखिम अधिक होता है, दरें अधिक होती हैं, और अधिकांश चार्जबैक इसी में होते हैं।

  6. MOTO — मेल ऑर्डर / टेलीफोन ऑर्डर। एक कार्ड-नॉट-प्रेजेंट विधि जहाँ आपके कर्मचारी ग्राहक द्वारा दूर से दिए गए कार्ड विवरण को मैन्युअल रूप से दर्ज करते हैं।

  7. कॉन्टैक्टलेस (टैप टू पे) — कार्ड, फोन या घड़ी से होने वाले NFC भुगतान। "मोबाइल पर Tap to Pay" का अर्थ है बिना किसी अलग रीडर के सीधे समर्थित फोन पर उन्हें स्वीकार करना।

  8. PCI DSSपेमेंट कार्ड इंडस्ट्री डेटा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड, कार्ड डेटा संभालने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए सुरक्षा नियम। अधिकांश छोटे मर्चेंट प्रमाणित हार्डवेयर का उपयोग करके और वार्षिक स्व-मूल्यांकन प्रश्नावली को पूरा करके इसका अनुपालन करते हैं।

  9. चार्जबैक (Chargeback) — किसी विवाद के बाद कार्डधारक के बैंक द्वारा वापस लिया गया लेनदेन। आप बिक्री खो देते हैं, विवाद शुल्क का भुगतान करते हैं, और रसीद तथा डिलीवरी पुष्टिकरण जैसे सबूतों के साथ जीतने पर ही पैसे वापस पाते हैं।

  10. पेआउट (निपटान) — वह समय जब आपका प्रोसेसर वास्तव में कार्ड से हुई कमाई को आपके बैंक खाते में जमा करता है, आमतौर पर बिक्री के एक या दो दिन बाद। तत्काल पेआउट की सुविधा भी होती है जिसके लिए अतिरिक्त शुल्क लगता है।

इन्वेंट्री के शब्दों का क्या अर्थ है?

इवेंट्री की शब्दावली यह तय करती है कि आपके स्टॉक के आंकड़ों पर भरोसा किया जा सकता है या नहीं, जिससे यह तय होता है कि आपकी रिपोर्ट पर भरोसा किया जा सकता है या नहीं।

बारकोड स्कैनर से स्टॉक स्कैन करता हुआ मर्चेंट — SKU और स्टॉकटेक इन्वेंट्री के लिए मुख्य POS शब्दावली हैं
  1. SKU — स्टॉक कीपिंग यूनिट: किसी एक बेचने योग्य आइटम के लिए आपका आंतरिक कोड। प्रत्येक वेरिएंट के लिए एक SKU होता है, और यह आपका होता है, निर्माता का नहीं।

  2. बारकोड (UPC/EAN) — उत्पाद पर ही छपा हुआ कोड, जो निर्माता द्वारा दिया जाता है। उत्तरी अमेरिका में UPC का अधिक उपयोग होता है, जबकि अधिकांश अन्य क्षेत्रों में EAN का। आपका SKU और बारकोड एक ही आइटम से जुड़े हो सकते हैं, बिना एक ही कोड हुए।

  3. वेरिएंट — किसी उत्पाद का एक विशिष्ट संस्करण, जैसे मीडियम साइज की नीली टी-शर्ट। वेरिएंट आकार और रंग जैसे गुणों से बनते हैं, और प्रत्येक को अपना SKU और स्टॉक संख्या मिलती है।

  4. स्टॉकटेक (इन्वेंट्री की गिनती) — शेल्फ पर मौजूद स्टॉक की भौतिक रूप से गिनती करना और सिस्टम के आंकड़ों से उसका मिलान करना। दोनों के बीच का अंतर सिकुड़न (shrinkage) कहलाता है: जैसे चोरी, टूट-फूट और गलत गिनती।

  5. परचेज ऑर्डर (PO) — वह दस्तावेज़ जो आप स्टॉक ऑर्डर करने के लिए सप्लायर को भेजते हैं। PO के आधार पर स्टॉक प्राप्त करना ही आपकी गिनती को सही ढंग से अपडेट करता है, न कि केवल अनुमान से।

  6. COGS — बेचे गए सामान की लागत (cost of goods sold): आपके द्वारा बेचे गए स्टॉक की वास्तविक लागत क्या थी। राजस्व में से COGS घटाने पर आपका ग्रॉस मार्जिन मिलता है, जो यह तय करता है कि दुकान सही चल रही है या नहीं।

दैनिक संचालन में कौन से शब्द सामने आते हैं?

ये वे शब्द हैं जिनका उपयोग आपके कर्मचारी हर बार काउंटर खोलने और बंद करने पर करेंगे।

बंद करते समय कैश ड्रावर की गिनती करना — दैनिक POS शब्दावली में फ्लोट्स और एंड-ऑफ-सेशन रिपोर्ट
  1. फ्लोट (Float) — सेशन की शुरुआत में ड्रावर में रखी जाने वाली शुरुआती नकदी ताकि कर्मचारी ग्राहकों को छुट्टे पैसे दे सकें। इसे खोलने पर गिना जाता है और बंद करने पर भी गिना जाता है।

  2. एंड-ऑफ-सेशन रिपोर्ट — काउंटर सेशन बंद होने पर तैयार होने वाली बिक्री, टैक्स और टिप्स की रिपोर्ट। पुराने सिस्टम इसे Z-रिपोर्ट कहते हैं; Final में इसे एंड-ऑफ-सेशन रिपोर्ट कहा जाता है।

  3. वॉइड (Void) — किसी लेनदेन को पूरा होने या सेटल होने से पहले रद्द करना। इसमें कोई पैसा ट्रांसफर नहीं होता, इसलिए कुछ भी वापस करने की आवश्यकता नहीं होती।

  4. रिफंड — बिक्री सेटल होने के बाद पैसे को मूल भुगतान विधि में वापस करना। यह वॉइड की तुलना में धीमा होता है और आपकी रिपोर्ट में एक अलग घटना के रूप में दिखाई देताu है।

  5. स्प्लिट पेमेंट — एक ही बिल का एक से अधिक तरीकों से या एक से अधिक लोगों द्वारा भुगतान किया जाना: जैसे आधा कार्ड से, आधा नकद, या तीन दोस्तों द्वारा आपस में बिल बांटना।

  6. टैक्स ग्रुप — किसी उत्पाद पर एक साथ लागू होने वाली टैक्स दरों का सेट, ताकि एक ही आइटम पर एक ही बार में केंद्रीय और राज्य टैक्स लागू हो सके। शुरुआत में ही इन्हें सही करना बाद की बड़ी समस्याओं से बचाता है।

सॉफ़्टवेयर के शब्दों के बारे में क्या?

दो शब्द यह बताते हैं कि पूरा सिस्टम किसी एक फीचर के बजाय कैसे काम करता है।

  1. क्लाउड POS — एक ऐसा सिस्टम जिसका डेटा काउंटर के बजाय रिमोट सर्वर पर रहता है। आप कहीं से भी बिक्री की जांच कर सकते हैं, और दूसरा काउंटर जोड़ने का मतलब बिल्कुल शुरुआत से शुरू करना नहीं होता।

  2. ऑफ़लाइन मोड — इंटरनेट चले जाने पर भी POS बिक्री जारी रखता है और वापस आने पर सिंक हो जाता है। किसी भी प्रदाता से स्पष्ट रूप से पूछें कि ऑफ़लाइन में कौन से कार्य चलते रहते हैं; इसके जवाब अलग-अलग हो सकते हैं।

शब्दावली यहाँ से आगे कहाँ जाती है?

इस सूची का हर शब्द इसलिए मौजूद है क्योंकि काउंटर पर कुछ न कुछ विनियमित, मिलान या गलत होने की संभावना होती है। यही कारण है कि एक AI मॉडल कुछ ही मिनटों में एक बेहतरीन चेकआउट स्क्रीन का मस्यदा तैयार कर सकता है लेकिन फिर भी वह एक चालू सिस्टम से बहुत दूर होता है — इन शब्दों द्वारा वर्णित बुनियादी ढांचा ही सबसे कठिन हिस्सा है। यदि आप इन शब्दों को सूची के बजाय काम करते हुए देखना चाहते हैं, तो ChatGPT के साथ कस्टम POS बनाने का पूरा वर्कफ़्लो उपलब्ध है।

प्लेटफ़ॉर्म-विशिष्ट शब्दावली के लिए — Stations, Flows, Smart Grids — Merchant Hub Glossary इस सूची के आगे की जानकारी देती है, और Final Pay का प्रकाशित मूल्य निर्धारण फ्लैट-रेट मूल्य निर्धारण का एक ठोस उदाहरण है यदि आप वास्तविक रेट कार्ड पर शब्द 9 देखना चाहते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेमेंट प्रोसेसर और पेमेंट गेटवे में क्या अंतर है?

प्रोसेसर बैंकों के बीच पैसे ट्रांसफर करता है और प्रत्येक ट्रांजैक्शन का एक हिस्सा लेता है। गेटवे वह सॉफ्टवेयर लेयर है जो कार्ड डेटा को सुरक्षित रूप से प्रोसेसर तक पहुंचाती है। कई प्रोवाइडर अब इन दोनों को एक ही सर्विस में बंडल करके देते हैं।

वॉइड (void) और रिफंड (refund) में क्या अंतर है?

वॉइड सेटल होने से पहले ट्रांजैक्शन को रद्द कर देता है, इसलिए पैसा कभी ट्रांसफर नहीं होता। रिफंड सेटलमेंट के बाद पैसे को ग्राहक के मूल पेमेंट मेथड पर वापस भेजता है, और इसे दिखने में आमतौर पर कुछ व्यावसायिक दिन लगते हैं।

सरल शब्दों में इंटरचेंज (interchange) क्या है?

इंटरचेंज कार्ड नेटवर्क द्वारा निर्धारित और ग्राहक का कार्ड जारी करने वाले बैंक द्वारा एकत्र किया जाने वाला शुल्क है, जो हर कार्ड ट्रांजैक्शन पर लिया जाता है। यह पेमेंट प्रोसेसर द्वारा आपको दी जाने वाली किसी भी दर की मूल लागत होती है।

क्या छोटे मर्चेंट्स को PCI अनुपालन के बारे में चिंता करने की आवश्यकता है?

हाँ, कार्ड पेमेंट स्वीकार करने वाला कोई भी व्यक्ति PCI DSS के अंतर्गत आता है। व्यावहारिक रूप से अधिकांश छोटे मर्चेंट प्रमाणित पेमेंट हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का उपयोग करके और हर साल एक संक्षिप्त स्व-मूल्यांकन प्रश्नावली को पूरा करके अनुपालन बनाए रखते हैं।

कार्ड-प्रेजेंट का क्या अर्थ है?

कार्ड-प्रेजेंट ट्रांजैक्शन वह होता है जिसमें आपके काउंटर पर भौतिक कार्ड या फोन वॉलेट को टैप, इंसर्ट या स्वाइप किया जाता है। इसमें कार्ड-नॉट-प्रेजेंट पेमेंट की तुलना में धोखाधड़ी का जोखिम कम होता है, इसलिए इस पर प्रोसेसिंग दरें कम होती हैं।

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